BESTECH SEED INDIA PVT LTD

बाजरा (पर्ल मिलेट )

पैकेज ऑफ़ प्रैक्टिस
पेन्नीसेटटुम ग्लौकम

 

1 जलवायु और मृदा (climate and soil)

* गर्म और शुष्क जलवायु में अच्छी उपज
* आदर्श तापमान 25 -35 डिग्री सेल्सियस
* वर्षा 400 -750 mm पर्यापत
* सूखा -सहिष्णु फसल
* भली प्रकार जल निकास वाली दोमट मिटटी या बलुई दोमट मिटटी उपयुक्त
* पी एच मान 6.5 - 8.0
*भारी चिकनी या जल भराव वाली मिटटी से बचें

2. भूमि तयारी (Field Preparation )

* 1 गहरी जुताई और साथ में 2 -3 बार हलकी जुताई करे
* खेत समतल करे ताकि सिंचाई समान रूप से हो
*अंतिम जुताई के समय 5 -7 टन गोबर की खाद / हेक्टर डाले।

3. बुवाई का समय (Sowing Time)

* खरीफ (वर्षा आधारित )- जून - जुलाई
* जायद (सिंचित ) फरवरी - मार्च

4. बीज दर एव दूरी (Seed rate and Spacing )

* संकर किस्म: - 4 -5 किलोग्राम /हेक्टर
* देसी किस्म :- 8 -१० किलोग्राम / हेक्टर
* कतार से कतार की दूरी 45 CM
* पौधे से पौधे की दूरी 10 -15 CM

5. बीज उपचार (seed Treatment )

* फफूंदी नियत्रण हेतु कार्बेन्डाजिम २ ग्राम /किलोग्राम बीज या ट्राइकोडर्मा 4 ग्राम /किलोग्राम बीज
* किट नियत्रण हेतु एमिडाक्लोरोप्रिड 5 ml /किलो बीज

6. खाद प्रबंधन

* वर्षा आधारित फसल :- 40 किलोग्राम नाइट्रोजन +20 किलोग्राम फॉस्फोरस /हेक्टर
*सिंचित फसल :- 80 किलोग्राम नाइट्रोजन +40 किलोग्राम फॉस्फोरस /हेक्टर
*आधा नाइट्रोजन +पूरा फॉस्फोरस बुवाई के समय ,शेष 30 -35 दिन बाद

7. सिंचाई (Irrigation)

* वर्षा आधारित एरिया में सामान्यत आवशयकता नहीं
* सिंचित फसल के लिए 4 -5 सिंचाइया
* आवश्यक -बुवाई ,टिलरिंग ,फूल और दाना बनने की अवस्था में।

8. निडाई-गुड़ाई (Weed Management )

* पहली निदाई 15 -20 दिन बाद
* दूसरी निदाई 35 दिन बाद
* रासायनिक नियत्रण :- एट्राजिन 0.5 -0.75 किलोग्राम सक्रिय तत्व /हेक्टर बुवाई के बाद 2 दिन के भीतर।

9. किट और रोग नियत्रण (Plant Protection)

* मुख्या किट
तना मक्खी:- एमिडाक्लोरोप्रिड 0.3 ml /लीटर छिड़के (10 -15 दिन बाद )
* तना छेदक :- क्लोरट्रानिलीप्रोल 0.4 ml /लीटर
* मुख्य रोग :- downy mildew बीज उपचार मेटलैक्सिल 6 ग्राम /किलोग्राम बीज
* काली गलन (smut) प्रभावित बलियो को तोड़कर नष्ट करे।

10. अंतर -शस्य क्रियाये (Intercultural Operations )

* 15 दिन बाद विरलीकरण से उचित पौधे संख्या रखे
* 25 दिन बाद हलकी मिटटी मिटटी चढ़ाये ताकि पौधा मजबूत रहे

11. कटाई (Harvesting)

* जब बालिया भूरी हो जाये और दाने सख्त हो जाये तो फसल काटे
* काटकर धुप में सुखाये और फिर मड़ाई करे
* औसत उत्पादन :
वर्षा आधारित -15 -20 कुंतल /हेक्टर
सिंचित : 25 -30 कुंतल /हेक्टर

12. भण्डारण (Post Harvest managemnt)

* दानो को 12 प्रतिशत नमी से कम पर भंडारित करे
* बोरी या HDPE बैग में हवादार गोदाम में रखे

13. चारा उपयोग (Fodder Use )

* बाजरे का भूसा स्वादिस्ट और पौष्टिक हरा चारा होता है
* प्रोटीन मात्रा लगभग 10 -12 प्रतिशत होती है
* अनाज और चारा दोनों उपयोग हेतु उपयुक्त।